Tuesday, October 5, 2021

लगता हैं तुम गझल हो



 लगता हैं तुम गझल हो....हा ना...



हामारा दिलं बन जाओ....

बहुत इबादात से रखेंगे तुम्हे....

माना की हमारी सासें उदास हैं...

लेकीन उन्हे उदास हो ना भी अच्छा लगता है....

माना की वह पास नही हैं हमारे....

लेकीन उनका पास न होना भी अच्छा लगता हैं...

हम उनसे दूर रहकर भी उनकी यादो मे है...

फिर भी उनकी यादो मे रहना.....

यह एहसास होना भी अच्छा लगता हैं....

Sapna patil.....✍️



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खिडकी

खिडकीच उघडून झालं वाऱ्याशी झगडून झालं हातात चहाचा कप घेऊन जरा स्वतःशी बोलून झालं . . . . . नेहमी आठवणीत राहशील तू . . . . . खिडकी