Wednesday, July 2, 2025

परिस्थिती

चल रही है परिस्थिती आपके विरुद्ध तो चलने दो 
बह रहा है पानी तो बेशक उसे बहने दो 
आएगा समय तेरा भी
ढल रहा है दीन तो ढलने दो...

हर रात के बाद सुबह होती है
बस थोडा दो कदम और चलने दो
वक्त ही तो है निकल जाएगा 
बस आज का दीन ढलने दो...

आयेंगे बहुत गम जिंदगी में 
आते है तो आने दो 
खुशी का सफर चलने के लिये
आज गम मिल रहा है तो मिलने दो....

क्या पता कल का उजाला एक रोशनी लेकर आएगा 
आज का अंधेरा मिल रहा है तो मिलने दो
वक्त ही तो है निकल जाएगा 
कल का उजाला एक नई उमेद लेकर आएगा 
आज का ये अंधेरा तो ढलने दो...

🖋️Sapna patil....


No comments:

Post a Comment

परिस्थिती

चल रही है परिस्थिती आपके विरुद्ध तो चलने दो  बह रहा है पानी तो बेशक उसे बहने दो  आएगा समय तेरा भी ढल रहा है दीन तो ढलने दो... हर रात के बाद ...