बह रहा है पानी तो बेशक उसे बहने दो
आएगा समय तेरा भी
ढल रहा है दीन तो ढलने दो...
हर रात के बाद सुबह होती है
बस थोडा दो कदम और चलने दो
वक्त ही तो है निकल जाएगा
बस आज का दीन ढलने दो...
आयेंगे बहुत गम जिंदगी में
आते है तो आने दो
खुशी का सफर चलने के लिये
आज गम मिल रहा है तो मिलने दो....
क्या पता कल का उजाला एक रोशनी लेकर आएगा
आज का अंधेरा मिल रहा है तो मिलने दो
वक्त ही तो है निकल जाएगा
कल का उजाला एक नई उमेद लेकर आएगा
आज का ये अंधेरा तो ढलने दो...
🖋️Sapna patil....