Wednesday, October 6, 2021

आपके है आपके ही रहेंगे



 कह तो दिया आपने हमको बेवफा

आपको हमारी वफा समझमें ही नहीं आई....

लेकीन हमारे ही नसिब की डोर ही ऐसि हैं जनाब 

की वो किसी की तकदिर बनकर ही नहीं आई.....


पेहले प्र्यार कों तो हमने ही 

मजाक समझ कर मार डाला....

लेकीन आपसे तो हमने सच्चा 

प्यार किया उसें तो आपने 

ही बेवफा कर डाला....

सोचा था जिंदगी मे दुबारा कभी 

किसिसे प्यार नाही करेंगे 

ऐसी कसम हमने खाई थी....

लेकीन क्या करे दुबारा 

हमे प्यार हो गया

ऊस वक्त मुझ पर 

मेरे रब की दुवा थी....

जब याद आती है आपकी 

तब आखो मे आसू अा जाते हैं....

आप जहा भी रहे खुश रहे 

यही हम रब से दुआ करते हैं.....

आपके हैं... आपके ही रहेंगे....

Sapna patil ✍️ 



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खिडकी

खिडकीच उघडून झालं वाऱ्याशी झगडून झालं हातात चहाचा कप घेऊन जरा स्वतःशी बोलून झालं . . . . . नेहमी आठवणीत राहशील तू . . . . . खिडकी