Monday, September 12, 2022

पुनर्जन्म

या जन्मी दृष्टीस 
पडती पाप कर्म
मग का घ्यावा 
पुनर्जन्म....

क्षणिक सुख 
भोगती नराधम
मग का घ्यावा मी 
पुनर्जन्म.....

कळी उमलून
क्षणात जासी कोमेजून
मग का येऊ मी
पुन्हा फुलून....

दृष्टीस ही ना पडो
असले हे वाईट कर्म
नको मज देवा हा 
पुनर्जन्म....

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