Tuesday, February 1, 2022

इन्सानियत




जिंदगी की राह पे चलते चलते
इतना बदल जाते हैं लोग...
की इन्सानियत नाम का
लब्ज ही भूल जातें हैं लोग....

स्वप्नमयी.....✍🏻✍🏻✍🏻


1 comment:

परिस्थिती

चल रही है परिस्थिती आपके विरुद्ध तो चलने दो  बह रहा है पानी तो बेशक उसे बहने दो  आएगा समय तेरा भी ढल रहा है दीन तो ढलने दो... हर रात के बाद ...