Friday, January 7, 2022

शब्द....अभंग

शब्दचि माझे प्राण
शब्दचि माझे ज्ञान
आयुष्य प्रदान शब्दचि
शब्दचि माझे वित्त ||
शब्दच हरवी चित्त
भान ही विसरे शब्दचि ||
शब्दचि देती सुख
 शब्दचि करीति दुःख
धोये अंतकरण शब्दचि ||
स्वप्नकवी...✍🏻✍🏻🌊🌱🪴

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