शब्दचि माझे प्राण
शब्दचि माझे ज्ञान
आयुष्य प्रदान शब्दचि
शब्दचि माझे वित्त ||
शब्दच हरवी चित्त
भान ही विसरे शब्दचि ||
शब्दचि देती सुख
शब्दचि करीति दुःख
धोये अंतकरण शब्दचि ||
स्वप्नकवी...✍🏻✍🏻🌊🌱🪴
चल रही है परिस्थिती आपके विरुद्ध तो चलने दो बह रहा है पानी तो बेशक उसे बहने दो आएगा समय तेरा भी ढल रहा है दीन तो ढलने दो... हर रात के बाद ...
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