Wednesday, October 6, 2021

मन काहूर काहुर झाले



मन काहूर काहूर झाले
सांजवेळी मन बहरून आले
फुले ओंजळीत घेऊनी 
मन प्रसन्न झाले
मन प्रसन्न होऊनी
अंग शहारले
अंग शहरूनी मन 
काहूर काहूर झाले....
सांजवेळी मन बहरून आले 
थंडगार वारे वाहून गेले
नभात चंद्र चांदण्यांचे 
ठसे उमटले
ठसे उमटूनी मन 
काहूर काहूर झाले
सांजवेळी मन बहरून आले....
Sapna patil ✍️


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