विषय - माहेरची आठवण
प्रकार - चारोळी
पायी रुतला रे काटा
रंघत निंघतिया त्यातून...
आठवण माहेरची
तव्हा यतिया राहून....
Sapna patil ✍️
चल रही है परिस्थिती आपके विरुद्ध तो चलने दो बह रहा है पानी तो बेशक उसे बहने दो आएगा समय तेरा भी ढल रहा है दीन तो ढलने दो... हर रात के बाद ...
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