गरीबी करे पिच्छा
अपूर्ण इच्छा
स्वप्न पाहिलं
अपूर्णच राहिलं
आयुष्यात ते
स्वप्नांना पंख
मिळाल्या त्या शुभेच्छा
अपूर्ण इच्छा
चल रही है परिस्थिती आपके विरुद्ध तो चलने दो बह रहा है पानी तो बेशक उसे बहने दो आएगा समय तेरा भी ढल रहा है दीन तो ढलने दो... हर रात के बाद ...
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