Friday, January 28, 2022

इन्सानियत को मार दिया



वक्त के साथ साथ खुद को भी बदल दिया तुने....
चंद पैसो के लिये अपने भाई को ही छोड दिया तुने....
माना की इस दुनिया मे पैसो से ही काम चालता है  
लेकीन...........
उसके साथ इन्सानियत को ही मार दिया तुने......


स्वप्नमयी....✍🏻✍🏻✍🏻

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