शब्दमंच आयोजित उपक्रम - 4
दिनांक -25/1/2022
विषय - खूशी ( शायरी )
स्पर्धेसाठी
कल का दीन अच्छा आएगा....
जिंदगी खुशी से जी लो यारो
वक्त ही तो हैं....
एक दीन बदल ही जाएगा.....
स्वप्नमयी.....✍🏻✍🏻
चल रही है परिस्थिती आपके विरुद्ध तो चलने दो बह रहा है पानी तो बेशक उसे बहने दो आएगा समय तेरा भी ढल रहा है दीन तो ढलने दो... हर रात के बाद ...
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